सूक्ष्म में संघर्ष की कहानी से अवगत करा रहा हूँ मा0 बृजेन्द्र सिंह यादव (संस्थापक) रक्षक कल्याण संघ द्वारा संचालित अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एशोसिएशन उ0प्र

🎤प्रिय साथियों एवं मित्रो🔊🔊🔊🔊
मा०ब्रजेन्द्र सिंह यादव संस्थापक/ राष्ट्रीय अध्यक्ष [रक्षक कल्याण संघ  द्वारा संचालित]
अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एशोसिएशन की➖सूक्ष्म में सघर्ष की कहानी से अवगत करा रहा हूँ➖➖➖
सन् 19/7/84 को पुलिस लाइन झाँसी में इन्हे अकारण निलम्बित किया गया था । और 7 वर्ष निलम्बित रखा गया  इसी दौरान श्रीमान पुलिस महानिदेशक श्री श्रीशचन्द्र दीक्षित का पुलिस लाइन झाँसी मे आगवन हुआ ।वापसी के दौरान आदेश कक्ष के सामने गाडी़ रोक ली  और कहा कि,,,,,,,,,,,,, शासनादेश के वावजूद भी कर्मचारियों को 3/4 वेतन नही दिया जा रहा है । हम लोगों को 3/4 वेतन दिया जाऐ । श्रीमान पुलिस महानिदेशक महोदय ने उसी समय 3/4 वेतन के आदेश पारित किए जिससे आज पूरे प्रदेश के निलम्बित पुलिस / पी ०ए ०सी  कर्मी लाभान्वित  हो रहे है।
* दिनांक 7/2/1991 को पुलिस कर्मियों के बच्चों का नाम हटाकर दूसरे लोगों से रिश्बत लेकर उनको भर्ती कर लिया गया । इस प्रक्रिया से कुंठित होकर मा० ब्रजेन्द्र सिंह यादव जी ने पुलिस कर्मियों के बच्चों को साथ लेकर इलाइट चौराहे पर वैनर आदि लगाकर भूख हड़ताल प्रारम्भ कर दी ।। जिसके कारण थाना नवावाद  में अ०सं०16/91 धारा 309/511 धारा 29 पुलिस एक्ट एवं 3 द्रोह उददीपन एक्ट 1922 पंजीकृत करके उनको जेल भेजा गया ।
* जनपद झाँसी के थाना सीपरी बाजार में कार्यरत का० 102 ना० पु० देशराज सिंह दिनांक 1/12/1990 को अपने अवकाश पर घर गया । घर पर पहुचते ही उसे थाना भोगनीपुर में झूठे में निरुध्द कर लिया गया था । इसके विरोध में मा० ब्रजेन्द्र सिंह यादव जी ने पुलिस लाइन झाँसी में भूख हड़ताल प्रारम्भ कर दी और उसे तुरन्त थाना भोगनीपुर से छुड़वाकर न्याय दिल वाया
* दिनांक 29/10/1991 को महिला का० शमा परवीन जो महिला कल्याण केन्द्र का स्टाल पुलिस लाइन ग्राउन्ड झाँसी में लगाये हुई थी  समय करीब 7 बजे  शाम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शैलेन्द्र सागर की पत्नी श्रीमती पूनम सागर ने महिला सिपाही के गाल में अनकारण थप्पड़ मार दिया तब एक सिपाही की वर्दी के सम्मान की खातिर मा० यादव जी ने पुलिस लाइन झाँसी में दिनांक 30/1/1991 से भूख हड़ताल प्रारम्भ करवा दी जो लगातार 3 दिन चली और अन्त में उच्चाधिकारीयों को अपनी गलती की माफी माँगनी पडी़ तब हड़ताल समाप्त की गयी । इस परिपेक्ष्य में मा० ब्रजेन्द्र सिंह यादव को दिनांक 06/01/1992 को सेवा से डिसमिस होना पडा़
काफी संघर्ष एवं परेशानियों के बाद 9 साल 6 महीने वाद
दिनांक 7/06/2001 को पुनः सेवा में वापस आऐ ।
सन् 2009 में पुलिस कर्मियों को अपमानित एवं प्रताडि़त व परेशान करने वाले अपर पुलिस अधिक्षक श्री राकेश शंकर से मा० अध्यक्ष जी को भिड़ना पडा़ । जिसके परिणाम स्वरुप मा० ब्रजेन्द्र सिंह यादव जी को स्थानान्तरण पर जनपद गाजीपुर भेजा गया  ।
जनपद गाजीपुर में सन् 2010 में पुलिस के उच्चधिकारियों के विरुध्द अन्याय व अत्याचार और भ्रष्टाचार को लेकर मा० अध्यक्ष जी ने खुली जंग छेड़ दी और उच्चाधिकारियों के विरुध्द @@@ मा० उच्चन्यालय इलाहाबाद में पी०आई०एल याचिका सं० 68426/2010 दाखिल कर दी और अवैध कटौती बन्द के आदेश करवा दिऐ । एवं सी०जे०एम गाजीपुर के न्यायालय से मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश करवा दिऐ इसी दौरान वदले की भावना से ग्रस्त होकर उच्चाधिकारियों ने भी मा०ब्रजेन्द्र सिंह यादव व अन्य के विरुध्द अ०सं० 65/11धारा 353आई०पी०सी 3 (2)4 पुलिस वल अधिकारो 1966 का मुकदमा पंजीकृत करवा दिया
* दिनांक 29 मई 2013 में पुलिस \ पी०ए०सी कर्मियों की माँगों को लेकर पुलिस लाइन बनारस के निकट मा० मुख्य मंत्री महोदय की गाडि़यो का काफिला रुकवाकर माँगो पूरा करने का ज्ञापन दिया । जिसमें मा० ब्रजेन्द्र सिंह यादव  जी के विरूध्द मुकदमा पंजीकृत हुआ । जो आज भी विचाराधीन है।● और पुलिस कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय और अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की तो बीजेपी सरकार में 5/10/2018 तारीख को उन पर झूठे आरोप लगवा कर गिरफ़्तार कर लिया गया और  पुलिस विद्रोह व रासुका (NSA) में  मुकदमा पंजीकृत करवा कर जेल भेज दिया गया है और आज भी मा0 ब्रजेन्द्र सिंह यादव जी वाराणसी के चौकाघाट कारागार में  निरुद्ध है ●●●●●
➖मा० ब्रजेन्द्र सिंह यादव  द्वारा सन् 1984 से अनवरत संघर्ष किया जा रहा है। आज संघर्ष करते हुए उन्हे लगभग 32 वर्ष हो रहे है इस दौरान उन्हे कितनी शारीरिक ,आर्थिक ,मानसिक यातनाऐ झेलनी पडी़ होगी । इसका अन्दाजा लगाना आवश्यक है
और यह सत्य है कि मा० ब्रजेन्द्र सिंह यादव को कुछ क्रान्तिकारी एवं जुझारू साथियों का सहयोग समर्थन एवं उनकी तरफ से सम्मान मिल रहा है । जिसकी वजह सें मा० अध्यक्ष जी कामयावी की मंजिल की ओर अग्रसर हो रहे है। लेकिन कुछ लोगो को
➖रक्षक कल्याण ट्रस्ट
अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एशोसिएशन की कामयावी रास नही आ रही है और वह लोग सिर्फ what's appऔर Facebook पर अपनी हाजिरी दर्ज कराने के लिए निराधार झूठे आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है और अपने आप को नेता बनने का ढो़ग रच रहे है।उन अराजक तत्वों से जरुर पूछे कि जब मा० ब्रजेन्द्र सिंह यादव जी संघर्ष कर रहे थे तव आप लोग क्या पुलिस विभाग में पैदा हो गये थे ।और विभाग में पैदा होने के उपरान्त सन् 2010 तक कहा रहे और इससे पहले अन्याय अत्याचार ,शोषण व भ्रष्टाचार सहकर क्यो लोग चुप रह जाते थे ।तब इन अराजक तत्वो की जवान क्यो नही खोलते थे ।इससे पहले अगर किसी भी व्यक्ति ने यदि जवान खोली हो तो प्रमाण सहित विरोध करने वाले अराजक तत्वो ने अपनी अपनी जवान खोली हो तो प्रमाण सहित प्रस्तुत करे।।
""""उन विरोधी तत्वो से मेरा अनुरोध है"""कि दूसरो की बुराई खोजने में समय वर्वाद मत करे उतना समय अपनी उन्नित एवं विकास में खर्च करो यही हमारी नेक सलाह है
***विरोध करने वाले जो लोग दूसरो को हानि,लाभ ,जीवन ,मरण, यश ,अपयश की धमकी देकर वजूद कायम करना चाहते है।
जव कि इन मुर्खो को इतना भी ज्ञान नही है कि हानि ,लाभ ,जीवन  मरण,यश,अपयश विधि हाथ ।यह सब ईश्वर की आधीन है।।।।।।।।।।।
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क्रपया आप लोगों को ये भी बात  अवगत कराना चाहता हूँ । कि॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰
 🚔रक्षक कल्याण ट्रस्ट अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एशोसिएशन - रजि०न०158/2011व80 G व 12 AA में कुछ शर्तो के तहत  पंजीकृत होकर संचालित की जा रही है। यदि शर्तो से हटकर चलाई जायेगी तो निश्चित तौर पर संस्था पर प्रतिबन्ध लगा दिया जाऐगा । जैसे -सन् 1973 में पुलिस संगठन को ऐसे ही लोगो की वजह सें प्रतिबंधित किया गया था । और आज भी प्रतिबंधित है।
रक्षक कल्याण ट्रस्ट अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एशोसिएशन निम्न शर्तो पर पंजीकृत है।
प्रिय भाईयो भारत वर्ष में किसी भी संगठन को चाहे वो IPS य PPS य राज्य कर्मचारी संगठन य सयुक्त परिषद य अन्य संगठन 80 जी में पंजिक्रत नही हुऐ है सिर्फ रक्षक कल्याण ट्रस्ट ने ही मा०ब्रजेन्द्र सिंह यादव के 30 वर्ष संघर्ष के बाद यह कामयाबी हासिल की है।
प्रिय मित्रों एवं भाईयों यह सत्य है । मा० ब्रजेन्द्र सिंह यादव को अपने कुछ जूझारु क्रांतिकारी साथियों की तरफ से सहयोग समर्थन व सम्मान प्राप्त हो रहा है । जिसकी वजह से यह संगठन कामयाबी की ओर अग्रसर हो रहा है । लेकिन कुछ➖ अराजकतत्वो द्वारा संघर्ष व त्याग किए बिना ही सहयोग समर्थन व सम्मान में हिस्सेदारी माँगी जा रही है। क्रपया आप लोग बताए कि ये लोग वास्तव में हकदार है
क्या बिना संघर्ष व त्याग के सहयोग समर्थन सम्मान में हिस्सेदारी मिल सकती है
➖इस पर शायर ने लिखा है कि ➖संघर्ष में जिन्दगी खुद ही एक सवाल थी ! पर लोग जवाब माँगने लगे
फरिस्ते आकर ख्वाब में हिसाब माँगने लगे !
न जाने क्या दिखाई दिया इन जुगुनुओ को रात में !
जब इनकी आँखें खुली तब आफताव [सूरज]माँगने लगे ।।
➖क्रपया आप लोग बताए कि इनको सूरज दिया जाना सम्भव है
मैं विरोधी भाईयों को यह नेक सलाह दे रहा हूँ कि उत्साह और नियत ठीक रखे तो हर बाधा को पार कर सकते हो । बिना कष्ट व बिना त्याग के केवल जीवा हिलाने व किसी का विरोध करने से तुम लोग अपने मकसद में अणुमात्र भी पूरा नही कर सकते हो ।
➖श्री गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपने लेख के जरिए आप जन को नसीहत भी दी है कि आडम्बर और पाखन्ड मत करो त्याग व कष्ट सहकर ही आगे बढोगे
यदि विरोध करने में समय व उर्जा बर्बाद करोगे तो आप लोग अपने आप ही मिट जाओगे ।।➖

   

रक्षक कल्याण संघ 

अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एशोसिएशन
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उत्तर प्रदेश

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रक्षक कल्याण ट्रस्ट अराजपत्रित पुलिस वेलफेयर एशोसिएशन