पुलिस कर्मियों की वेतन विसंगत एवं लागू बॉर्डर स्कीम को समाप्त किया जाए - बृजेन्द्र सिंह यादव
पुलिस उच्चाधिकारियों द्वारा अपने पद व पावर का दुरुपयोग करके क्षति करने के आशय से विधि की अवज्ञा करने के आरोपों में दंडात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में
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सेवा में
मा. मुख्यमंत्री महोदय
उ.प्र शासन लखनऊ
विषय - पुलिस उच्चाधिकारी श्रीमान पुलिस महानिदेशक उ.प्र व श्री प्रशांत कुमार अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था द्वारा अपने पद व पावर का दुरुपयोग करके क्षति करने के आशय से विधि की अवज्ञा करने के आरोपों में दंडात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में
महोदय
सादर अवगत कराना है कि शासनादेश संख्या 2432/39-198-15 ( 3 ) / 98 सतर्कता अनुभाग - 4 दिनांक 24 दिसंबर 1998 श्री योगेंद्र नारायण तत्कालीन मुख्य सचिव उ.प्र शासन ने शासनादेश पारित किया है कि भारत के प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार है कि वह अपनी समस्या के निराकरण हेतु शासन / प्रशासन / न्यायालय / न्यायिक संस्था के समक्ष अपना परिवाद प्रस्तुत कर सकता है किसी भी व्यक्ति द्वारा परिवाद प्रस्तुत करने पर उसके प्रशासनिक विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाने वाली प्रताड़ना पूर्णतया असंवैधानिक है और उससे नागरिक अधिकारों का हनन होता है चूंकि प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करने का दायित्व शासन का है तथा वह इसके लिए प्रतिवद्ध भी है मेरे संज्ञान में आया है कि मुख्यालय पुलिस महानिदेशक उ.प्र के पत्रांक डी.जी-16 सोशल मीडिया अनु0 कार्यवाही - 2020 दिनांक 21/07/2021 श्री प्रशांत कुमार अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था द्वारा पत्र निर्गत किया गया है और उसमें दर्शाया गया है कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर पुलिस कर्मियों द्वारा सरकार की नीतियों के विरुद्ध पोस्ट किया जा रहे है तथा तत्सबंधी हैशटैक कराए जा रहे है यह आरोप निराधार व असत्य है
वास्तव में सत्यता यह है कि वेतन विसंगति दूर कराना व लागू बॉर्डर स्कीम को समाप्त कराना हर पुलिस कर्मचारी एवं उनके परिवारी जनो की समस्या है और अपनी समस्याओं के निदान हेतु कर्मचारी ट्यूटर हैशटैक के माध्यम से शासनादेश के अनुरूप शासन के समक्ष अपना परिवाद प्रस्तुत कर रहे है और शासन का शासनादेश के अनुरूप समस्या का समाधान करने का दायित्व भी है लेकिन पुलिस उच्चाधिकारी शासनादेश के विपरीत कार्य कर रहे है और उनकी समस्याओं को सरकार की नीतियों के विरुद्ध दर्शाकर कार्यवाही करने का भय व्याप्त कर रहे है पुलिस उच्चाधिकारियों का यह कृत्य बहुत ही निंदनीय एवं शर्मनाक है तथा अपराधिक कृत्य भी है क्योंकि पुलिस उच्चाधिकारी क्षति कारित करने के उद्देश्य से जानबूझकर नियमों - विनियमों का उल्लंघन कर रहे है जिससे धारा 166 आई.पी. सी का अपराध कारित होता है
अतः रक्षक कल्याण ट्रस्ट पुलिस वेलफेयर एसोसिएशन महोदय से मांग करती है कि पुलिस कर्मियों की वेतन विसंगत एवं लागू बॉर्डर स्कीम को समाप्त करने की कृपा करें तथा साथ ही साथ अपने पद व पावर का दुरुपयोग करने तथा क्षति कारित करने के उद्देश्य से नियमों - विनियमों का उल्लंघन करने के आरोप में श्रीमान पुलिस महानिदेशक उ.प्र व अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था श्री प्रशांत कुमार के विरुद्ध अपराधिक मुकदमा पंजीकृत कर दंडात्मक कार्यवाही भी करने की कृपा करें!
भवदीय
बृजेन्द्र सिंह यादव
संस्थापक / अध्यक्ष
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फो.नं - 9450226368
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